Saturday, November 19, 2011
कैरियर रिलेटेड............
आजकल ज्योतिषियों के पास कैरियर रिलेटेड सवाल सबसे ज्यादा आते हैं। एक समय था जब या हम बिजनेस करते थे या नौकरी। पर अब एक तीसरा माध्यम भी है, वो है अपना ही कोई काम, जो न किसी तरह का बिजनेस है और न किसी की नौकरी। खैर। आज के जमाने में नौकरी में ही इतने तरह के सेक्टर हैं, कि गणना करना मुश्किल है। पूज्यनीय गुरुदेव केएसके और मेरे गुरु इंजी. रवींद्र नाथ चतुवेर्दी जी ने बताया है कि कैरियर के लिए दसवें भाव का लार्ड, सब लार्ड और उसका स्टार लार्ड देखना चाहिए. इसके अलावा दसवें भाव की डिग्री भी बहुत महत्व रखती है। कैरियर कैसा होगा...इसका सीधा आशय ऐसा भी है कि जातक की शिक्षा और आमदनी के माध्यम कितने होंगे, यह भी बहुत रिलेटेड फैक्टर है। इसलिए जातक के दूसरे और चौथे भाव की गणना भी कर लेनी चाहिए। फिर भी मैं इस निष्कर्ष पर पहुंची हूं कि एकदम सटीक व्यवसाय बताना बहुत टेढ़ी खीर है| इसलिए किसी भी जातक के बर्थ टाइम की एक्यूरेसी भी बहुत मायने रखती है। यदि दो मिनट से ज्यादा अंतर आ जाता है तो सब लार्ड चेंज हो जाता है और एक्यूरेट यह बताना कि किस सेक्टर में जाब करेंगे, यह मुश्किल हो जाता है। इसलिए मेरा सभी जातकों से आग्रह है कि अपना बर्थ टाइम एकदम सटीक भेजें|
और इस गणना के लिए निशुल्क सेवा की उम्मीद न करें। यह बहुत ही गंभीर कर्म है, जो किसी भी जातक की जिंदगी व कैरियर पर असर डालता है।
Thursday, October 20, 2011
Wednesday, September 7, 2011
प्लेनेट्स पावडर से ग्रह दोष व रोग उपचार
——————————————
अभी तक आपने सुना होगा ग्रह दोष व बीमारियों का इलाज मंत्र जाप, जेम स्टोन्स, अनुष्ठान इत्यादि से, लेकिन दोस्तो अथर्व वेद में जड़ी-बूटियों से भी इलाज लिखा हुआ है, जो अधिक कारगर है। पुराने व जानकार लोग न रहने से, दुर्लभ जड़ी-बूटियों की पहचान न होने तथा इनकी मुश्किल से उपलब्धता के कारण इस रेमेडी के बारे में लोगों की जानकारी खत्म होती गयी। लेकिन मथुरा की प्लेनेट्स हर्बस एंड रिसर्च सेंटर कई सालों के शोध के बाद ग्रहों की प्रतिनिधि जड़ी-बूटियों के पावडर को बाजार में ला रही है। शुरू में इस सेंटर ने राहु, केतु, शनि और नव ग्रह का पावडर बाजार में पेश किया है। संस्था के निदेशक आचार्य लक्ष्मण प्रसाद शर्मा कहते हैं कि किसी भी ग्रह के दोष से पीड़ित होने से जातक को न केवल उस रोग से संबंधित बीमारियां घेर लेती हैं, बल्कि कई दुष्प्रभाव उसके जीवन पर पड़ने लगते हैं। प्रतिदिन उस ग्रह से संबंधित पावडर का पानी मिलाकर स्नान करने से उसके दोषों का शमन हो जाता है। यह अचूक उपाय है और लगातार चालीस दिन स्नान करने से इससे लाभ मिलता है।
अभी तक आपने सुना होगा ग्रह दोष व बीमारियों का इलाज मंत्र जाप, जेम स्टोन्स, अनुष्ठान इत्यादि से, लेकिन दोस्तो अथर्व वेद में जड़ी-बूटियों से भी इलाज लिखा हुआ है, जो अधिक कारगर है। पुराने व जानकार लोग न रहने से, दुर्लभ जड़ी-बूटियों की पहचान न होने तथा इनकी मुश्किल से उपलब्धता के कारण इस रेमेडी के बारे में लोगों की जानकारी खत्म होती गयी। लेकिन मथुरा की प्लेनेट्स हर्बस एंड रिसर्च सेंटर कई सालों के शोध के बाद ग्रहों की प्रतिनिधि जड़ी-बूटियों के पावडर को बाजार में ला रही है। शुरू में इस सेंटर ने राहु, केतु, शनि और नव ग्रह का पावडर बाजार में पेश किया है। संस्था के निदेशक आचार्य लक्ष्मण प्रसाद शर्मा कहते हैं कि किसी भी ग्रह के दोष से पीड़ित होने से जातक को न केवल उस रोग से संबंधित बीमारियां घेर लेती हैं, बल्कि कई दुष्प्रभाव उसके जीवन पर पड़ने लगते हैं। प्रतिदिन उस ग्रह से संबंधित पावडर का पानी मिलाकर स्नान करने से उसके दोषों का शमन हो जाता है। यह अचूक उपाय है और लगातार चालीस दिन स्नान करने से इससे लाभ मिलता है।
Tuesday, July 26, 2011
Thursday, July 21, 2011
Sunday, July 3, 2011
Tuesday, June 14, 2011
Tuesday, May 24, 2011
Friday, April 15, 2011
Tuesday, April 12, 2011
Monday, April 11, 2011
Tuesday, April 5, 2011
Monday, April 4, 2011
Sunday, April 3, 2011
Sunday, March 27, 2011
Wednesday, March 23, 2011
Subscribe to:
Posts (Atom)