#वैज्ञानिक_निकोला_टेस्ला को मौत के 74 साल बाद करौली सरकार में मिलेगी मुक्ति, अब भारत में लेंगे जन्म
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शालिनी द्विवेदी (ज्योतिषी)
महान विचारक और दुनियाभर में #औद्योगिकीकरण के जन्मदाता #निकोला_टेस्ला ने अपनी मृत्यु के 74 वर्ष बाद अपनी मृत्यु और अपने जीवन से संबंधित कई रहस्योद्घाटन किए हैं। टेस्ला ने अपनी मृत्यु के संबंध में दुनिया भर में प्रचलित कई धारणाओं को गलत बताते हुए कहा है कि उन्होने होटल के कमरे में फांसी लगाकर #आत्महत्या की थी। क्योंकि वह अपने जीवन से तंग आ गए थे। टेस्ला ने #बल्ब के #आविष्कारक_वैज्ञानिक #थामस_अल्वा_एडिसन को #Deceiving_pig (धोखा देने वाला सुअर) बताया है।
निकोला टेस्ला अपनी मृत्यु के 74 वर्ष बाद भी इस बात से बहुत दुखी नजर आए कि वह दुनिया को #फ्री_वायरलैस_इलेक्ट्रिसिटी का तोहफ़ा देना चाहते थे लेकिन उस समय के प्रसिद्ध उद्योगपति और उनके निवेशक #जेपी_मार्गन ने उनके इस #Experiment के लिए बाद में फंडिंग नही की और थामस एडीसन को आर्थिक सहयोग दिया। टेस्ला को अपना यह Experiment सन 1905 में बंद करना पड़ा। उन्होने बताया कि जीवन के अंतिम वर्षों में काफी #डिप्रेशन में चले गए थे और उन्होंने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। उन्होने यह भी बताया कि वह पश्चिमी जगत के लोगों से बहुत नफरत करते हैं। #मिस्टर_पीटर के इस सवाल पर कि जैसा उनके बारे में प्रचलित है कि क्या वह #एलियन्स के संपर्क में थे? टेस्ला पहले तो चुप हो गए, लेकिन बाद में उन्होने कहा कि इस संसार में कोई भी व्यक्ति प्राकृतिक नियमों के तहत जो जन कल्याण के लिए बहुत गहरा और बहुत बड़ा सोचता है #ब्रहमाण्ड की पराशक्तियां उसका सहयोग करती हैं। #What_is_the_secret_of_3_6_9? इस सवाल पर फिर टेस्ला चुप हो गए। लेकिन एक अन्य सवाल पर इसको जोड़ते हुए उन्होने बताया कि वह सन 1893 में स्वामी विवेकानंद से मिले थे और उन्होने कहा था कि #Vedic_Cosmology_and_Math में गहरा संबंध है उनका इशारा अंक 3 6 9 की तरफ ही था।
टेस्ला ने यह बताया कि वह #स्वामी_विवेकानन्द से बहुत प्रभावित हैं। विवेकानंद ने उनसे कहा था कि #20वीं_सदी तुम्हारी है और #21वीं_सदी #भारत की होगी। पश्चिमी जगत को #अध्यात्म की जरुरत है। यह साबित करने के लिए कि वह वास्तव में निकोला टेस्ला ही हैं उनसे सादा कागज पर हस्ताक्षर कराए गए और इसका मिलान #गूगल पर मौजूद उनके हस्ताक्षर से किया गया तो यह मैच कर गया। इतना ही नही, उन्होने सादा कागज पर एक स्क्रिप्ट लिखी जिसका मिलान सर्बिया देश के मूल नागरिक डा_ब्लादिमीर_यल्गोर और यल्मा_इल्गोर को #वाट्सअप पर भेजी गई। तो उन्होने स्वीकार किया कि यह भाषा लिपि सर्बिया के बेलग्रेड से 100 किमी आगे कुछ हजार साल पहले एक सभ्यता थी जिसकी यह भाषा लिपी है। बता दें कि निकोला टेस्ला सर्बियाई मूल के अमेरिकन थे ।
यह संपूर्ण रहस्योद्घाटन करौली सरकार के दरबार में अमेरिका, नार्वे, चेकोस्लोवाकिया सहित कुछ अन्य देशों के अंग्रेजों के दल के समक्ष 11 सितंबर 2021 की रात को हुआ है। यहां इस दल के लिए एक आध्यात्मिक कार्यशाला चल रही थी। इसी दौरान निकोला टेस्ला ने अपनी मुक्ति के लिए पूज्यनीय गुरूदेव डा संतोष भदौरिया जी से संपर्क किया। टेस्ला ने कहा - I want to liberation (#मैं_मुक्ति_चाहता हूं)। गुरु जी ने बुलाई गई उनकी आत्मा से अंग्रेजी और सर्बिया भाषा में बात करने और उनके विचार सुनने के बाद टेस्ला की आत्मा में हिंदी साफ्टवेयर डाउनलोड किया इस पर टेस्ला ने धन्यवाद कहा और बताया कि वह अपने वंश में जन्म लेना नहीं चाहते। गुरुदेव ने मुक्ति दिलाने का वादा किया तो टेस्ला ने भारत में पैदा होने की इच्छा जाहिर की। इससे पहले गुरुदेव ने बताया कि टेस्ला अपनी मृत्यु से पहले #ब्लैक_मैजिक में फंसे हुए थे। इस कारण मृत्यु से ठीक पहले उन्हें हल्का #लकवा मार गया था और गले में #फंगल_इंफेक्शन की वजह से उनकी आवाज चली गई थी। टेस्ला की आत्मा इस समय करौली सरकार के गुरु मां के दरबार में है और उसने दरबार में ससम्मान जगह देने के लिए करौली सरकार का धन्यवाद किया है। दुनिया भर की वैज्ञानिक विरादरी, आध्यात्मिक जगत और खोजी अनुसंधान कर्ताओं के लिए करौली सरकार में चल रही कार्यशाला इस समय चर्चा का विषय बनी हुई है।
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