Monday, July 21, 2014

केपी एस्ट्रो साइंस के मार्च अंक का चुनावी विश्लेषण कमाल का है।


संपादक जी। केपी एस्ट्रो साइंस के हर अंक में आ रहा निखार गजब का है। मार्च अंक आद्योपांत पढ़ने के बाद मैं आपको अपनी भावनाओं से अवगत कराने से नहीं रोक पा रहा हूं। कृष्णमूर्ति पद्वति के बारे में मैंने कुछ महीने पहले ही जाना और इसे सीखने के प्रयास करने लगा, लेकिन इसका पूरा साहित्य ही अंग्रेजी में होने के कारण मुझे काफी परेशानी आ रही थी, जबकि किसी सदगुरु की तलाश भी मैंने जारी रखी हुई थी। पत्रिका में केपी पद्वति सीखने की दो सीरीज चल रही हैं और दोनों ही कमाल की हैं। दोनों में इतनी सरलता के साथ समझाया जा रहा है कि काफी कुछ समझ आने लगा है और पत्रिका में प्रकाशित लेखों से भी काफी कुछ समझ आ रहा है। आप इसी तरह हम जैसे जिज्ञासुओं का मार्गदर्शन करते रहें, मैं ईश्वर से यही कामना करता हूं। ------------------------------------------ केपी एस्ट्रो साइंस के मार्च अंक का चुनावी विश्लेषण कमाल का है। आप्शन थ्यौरी के आधार पर भाजपा की संभावित सीटों के बारे में जो आकलन लगाया गया है, वह सही साबित होता अभी से प्रतीत हो रहा है। टीवी चैनलों व कंपनियों के सर्वे में भाजपा की बढ़त लगातार हो रही है। आईबीएन के कल ही आए सर्वे में उप्र में भाजपा की 41 से 49 तक सीटें दिखायी गयी हैं, जबकि पत्रिका ने भी यही आकलन दिया है। पत्रिका के लेख में शालिनी द्विवेदी के इनसेट बाक्स वाले आकलन चौंकाने वाले हैं। आशा है आप इनके ज्योतिषीय आधार आगामी अंकों में प्रकाशित करेंगे। पत्रिका की दृष्टि और जोखिम कायल करने वाला है। मैं केपी एस्ट्रो साइंस के सुखद और चमकीले भविष्य की कामना करता हूं। ------------------------------------------ आदरणीय शालिनी बहन। जनवरी से मार्च तक के अंक पढ़े। देखकर और पढ़कर बहुत खुशी हुई। मन में ज्योतिष पढ़ने की बहुत इच्छा थी। जॉब की वजह से कहीं जाना नहीं हो पाया। लेकिन ईश्वर ने एक माध्यम दे दिया आपका। इसके लिए आपका बहुत-बहुत आभार। अनिल कुमार मोर्य , विलासपुर, छत्तीसगढ़ ------------------------------------------- मैडम द्विवेदी, धन्यवाद। मुझे केपी एस्ट्रो साइंस की प्रति मिली। मैंने पाया कि आपने बहुत अच्छी सीरीज इसमें शुरू की है, जो नए विद्यार्थियों के लिए काफी हद तक ज्ञानवर्धक है। मैं आपके उद्देश्य और अथक प्रयास को शुभकामना देता हूं। यह वास्तव में वास्तविक ज्योतिष की जरूरत को पूरा कर रही है। क्योंकि काफी लोग जानना चाहते हैं कि ज्योतिष क्या है और अनावश्यक कर्मकांड की जगह इस तरह की वास्तविक ज्योतिष से उनका पथ प्रदर्शन हो सकता है। मैं फिर से आपको शत-शत शुभकामनाएं देता हूं। प्रभु आपका पथ प्रदर्शित करता रहे। केके शर्मा, इंदौर

भाजपा के बहुमत की भविष्यवाणी तो केपी एस्ट्रो साइंस ने ही की ------------------------------------------------------------------------------- मथुरा। लोकसभा चुनाव के बारे में चाणक्य का सर्वे और केपी एस्ट्रो साइंस की ज्योतिषीय भविष्यवाणियां ही सटीक बैठे, लेकिन दोनों में एक बड़ा अंतर यह रहा कि चाणक्य सर्वे पालिंग के बाद आया और केपी एस्ट्रो साइंस ने फरवरी माह में ही चुनाव की तमाम भविष्यवाणी कर दी थीं। पत्रिका की संपादक शालिनी द्विवेदी ने बताया कि मार्च अंक के पेज संख्या-8 पर प्रकाशित लेख में उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराश करने वाला होगा। उसके ज्यादातर मंत्री चुनाव हार जाएंगे। सन 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने जिन सोलह राज्यों में 178 सीटें जीती थीं, उनमें वह दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल, अरुणाचल व मेघालय में कांग्रेस की हालत पतली रहेगी। इसके विपरीत भाजपा को ग्यारह राज्यों में नब्बे फीसदी से ज्यादा सीटें मिलेंगी। कांग्रेस समेत तमाम मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टियां हाशिये पर आ जाएंगी। उप्र में सपा की सीटें बसपा से ज्यादा होंगी और मायावती शनि व राहु की खराब स्थिति के कारण दलित-मुस्लिम वोटों के लिए तरस जाएंगी। ममता बनर्जी और जयललिता की स्थिति मजबूत होगी। इसी तरह पत्रिका के अप्रैल-मई अंक में उन्होंने मथुरा से हेमा मालिनी की बड़े अंतर से जीत की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। अमृतसर से अरुण जेतली की हार की भविष्यवाणी भी पत्रिका ने कर दी थी। पत्रिका के प्रमुख ज्योतिषी पवन निशान्त ने केपी एस्ट्रो साइंस के मार्च अंक के पेज आठ पर ही (यह है मोदी मैजिक) लेख में साफ लिखा था कि यह सन 77 से बड़ी लहर होगी। कांग्रेस अपने इतिहास का सबसे बदतर प्रदर्शन करेगी। भाजपा अकेले ही 275 से 300 के बीच सीट हासिल करेगी। कांंग्रेस पचास से कम सीट हासिल करेगी। ज्योतिषी पवन निशान्त ने अप्रैल-मई के अंक में पेज आठ पर प्रकाशित लेख में भी लिखा था कि इस बार गठबंधन की राजनीति का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। भाजपा पूर्वांचल की 33 सीटों में 27 से ज्यादा सीटें हासिल करेगी। नवीन पटनायक, जयललिता और ममता बनर्जी की सीटें ज्यादा आएंगी और ये मोदी के समर्थन में आएंगे। एनडीए का आंकड़ा सवा तीन सौ सीटों से ज्यादा होगा। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका लायक सीट नहीं जुटा पाएगी। मोदी के बनते ही शेयर बाजार पच्चीस हजारी हो जाएगा और सोने-चांदी के भाव नीचे आएंगे। मोदी की वजह से चाइना की अर्थव्यवस्था को धक्का लगेगा। पत्रिका ने नरेंद्र मोदी को 21,22 25 या 27 मई को शपथ लेने का सुझाव दिया है और भविष्यवाणी की है कि वह अगले दो टर्म में भी प्रधानमंत्री बनेंगे और मनमोहन सिंह के दस साल के प्रधानमंत्री बनने के रिकार्ड को तोड़ेंगे। ------------------------- उन्होंने बताया कि पत्रिका पिछले साल नवंबर में हुए पांच राज्यों के चुनाव से लेकर उत्तराखंड में विजय बहुगुणा को हटाए जाने और सोनिया गांधी के दो बार बीमार पड़ने की भविष्यवाणी भी कर चुकी है। दुनिया भर में राजनीति और चुनावों पर कृष्णमूर्ति पद्वति के आधार पर पहली बार पत्रिका प्रयोग कर रही है, जो सही साबित हो रहे हैं।

कुंडली में पुनरफू दोष हो तो घर में सीलन और नल लीकेज होता ही है, घर में छिपकली भी बहुत होती हैं। पत्नी को ल्यूकोरि्या, थाइराइड भी होता है और उनके घुटने की प्राब्लम बढ़ सकती है। पैर, कमर में दर्द खूब होता है। यह दोष वाली महिलाएं पानी खूब फैलाती हैं, साफ-सफाई पसंद होती हैं और पुराने सामान घर में भरने की आदी होती हैं। ---------------------------- दूसरी कस्प का उपस्वामी राहु हो तो जातक झूठ बहुत बोलता है। स्टार सूर्य हो तो तीखा भी बोलता है। स्टार चंद्र हो तो थकी आवाज में बोलता है। मौन राशियों में हो तो बोलने में दिक्कत, या गुटखा सिगरेट की वजह से मुंह का आपरेशन कराना पड़ता है। दूसरे कस्प का उपस्वामी मंगल हो तो मुंहफट और तर्क करने वाला, केतु हो तो भाषा पर नियंत्रण नहीं होता। -------------------------------- पूरी कुंडली अच्छी होने के बावजूद बारहवे कस्प का उपस्वामी या यहां बैठा राहु कुंडली पर भारी पड़ जाता है। बेमुल्क का नबाव, घर में न टिकने वाला और अमर्यादित काम करने वाला होता है। इसके दशा-अंतर-प्रत्यंतर या गोचर में जेल थाने जाने के योग बनते हैं। हारा हुआ मुकदमेबाज होता है। -------------------------------- कुण्डली में लग्न से सम स्थान 2,4,6,8,10 या 12 वें भाव में शनि हो तो लड़के का विवाह शीघ्र होगा। लग्न से विषम स्थान 1,3,5,7,9 या11 वें भाव में शनि स्थित हो तो लड़की का विवाह शीघ्र होता है। ------------------------------

सत्ता परिवर्तन तय है। सोलह मई को चुनाव परिणाम आने से पहले केपी एस्ट्रो साइंस ने अपने अप्रैल-मई के संयुक्तांक में यह घोषणा फिर की है। अपने जनवरी अंक से ही पत्रिका लोकसभा चुनावों पर लेख देती रही है और इस अंक में तो उनसे आगे का विस्तार किया गया है। इस अंक में चुनाव से संबंधित इतने विविध आकलन किए हैं कि आप हैरान रह जाएंगे। मसलन करीब दो दर्जन सीटों पर कौन जीतेगा कौन हारेगा, यह भविष्यवाणी है तो कांग्रेस समेत यूपीए के दलों और एनडीए के सहयोगियों की स्थिति क्या होगी? चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी की क्या हैसियत होगी और मत्रिमंडल से लेकर तमाम तरह के होने वाले बदलावों का भी ज्योतिषीय आकलन आप पढ़ सकेंगे। केजरीवाल क्यों सत्ता से बाहर हुए हैं, यह पूरा विश्लेषण है तो प्रख्यात केपी ज्योतिर्विद कनक जी बोसमिया ने केपी की नई तकनीक से घोषणा की है कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। शासक ग्रहों से चुनाव आचार संहिता की तारीख पहले ही निकाल ली गयी थी, यह पूरा विश्लेषण है। और भी काफी कुछ है। पत्रिका 23 अप्रैल को बाजार में आ जाएगी। कृपया अपने नजदीकी बुक स्टाल से अवश्य लें। हासिल न होने पर हमें लिखें। हमारा मेल आईडी है-ssp313@gmail.com,

केपी एस्ट्रो का कहा , सही निकला | ख़बर-गली khabargali.com

केपी एस्ट्रो साइंस के अप्रैल-मई संयुक्तांक में पवन निशान्त जी ने 77 से बड़ी मोदी लहर में भविष्यवाणी की थी कि " मोदी सरकार बनने के बाद चीन की अर्थव्यवस्था नीचे जानी चाहिए। बहुत संभव है कि नरेन्द्र मोदी चीन से आयातित सामान पर पूरी तरह या आंशिक तौर पर रोक लगा दें या नियमों को कड़ा कर दें | इससे चीन की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा।" उनकी ये भविष्यवाणी सत्य साबित होने वाली है। कल ही केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा है कि चीन से सस्ते आइटमों के उत्पादन को प्रोत्साहित करेंगे और चीन की भारत में डंपिंग रोकी जाएगी। यह पहला संकेत है चीन की अर्थव्यवस्था पर कुप्रभाव पड़ने का।

सूरमा हैं, पर होंगे चित्त राजनाथ सिंह होररी नंबर-105, निर्णय की तारीख-2.4.2014 निर्णय का समयः 15.26.17 होगी जीत ----- अरुण जेतली होररी नंबर-227 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-15.27 हारेंगे -------- सुषमा स्वराज होररी नंबर-54 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय -16.14.44 जीत ------------ लालकृष्ण आडवाणी होररी नंबर-231 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय- 15.30.01 होगी जीत ------ राहुल गांधी होररी नंबर-85, निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय- 15.32.55 होगी जीत ------ मीनाक्षी लेखी होररी नंबर-5 निर्णय की तारीख-2.4.2014 निर्णय का समय-15.34.37 होगी जीत ------ हर्षबर्धन होररी नंबर-70 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-15.35.19 जीत ------------ हेमा मालिनी होररी नंबर-89 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-15.38.41 होगी जीत ----- डिंपल यादव होररी नंबर-47 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-15.40.46 जीत ------------ जसवंत सिंह होररी नंबर-54 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-15.44.32 होगी हार -------- किरण खेर होररी नंबर-88 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-16.00.05 होगी जीत ------ विनोद खन्ना होररी नंबर-17 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-16.00.39 होगी जीत -------- मुरली मनोहर जोशी होररी नंबर-27 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-16.01.25 होगी जीत --------- जनरल वीके सिंंह होररी नंबर-56 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-16.2.4 आसान नहीं जीत --------- ठा. अमर सिंह होररी नंबर-9 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-16.4.33 नहीं जीत सकेंगे ----- जयप्रदा होररी नंबर-19 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-16.5.5 आसान नहीं जीत ------- चौ. अजित सिंह होररी नंबर-77 निर्णय की तारीख-2.4.14 निर्णय का समय-16.5.46 हारेंगे --------- सलमान खुर्शीद होररी नंबर-189 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-16.9.39 हारेंगे ------ उमा भारती होररी नंबर-205 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-16.11.20 जीत ---------- संजय निरूपम होररी नंबर-180 निर्णय की तारीख- 2.4.14 निर्णय का समय-14.13.29 होगी हार ----- चिराग पासवान होररी नंबर-120 निर्णय की तारीख- 1-.4.14 निर्णय का समय-13.17.26 होगी जीत ------ संदीप दीक्षित होररी नंबर-124 निर्णय की तारीख-10.4.14 निर्णय का समय-13.18.51 हार

हेमा खिलाएंगी कमल मथुरा से ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी और रालोद-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी जयंत चौधरी के मध्य बेहद कड़ा संघर्ष हो रहा है। हेमा भाजपा से प्रत्याशी हैं, लेकिन भाजपा संगठन की हालत काफी खराब है। संगठन के नेता हमेशा की तरह भितरघात कर रहे हैं। अधिकांश पर जयंत ने अपना जादू चला दिया है और जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, सवाल उठने लगे हैं कि क्या हेमा मालिनी सीट जीतकर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को यह तोहफा दे पाएंगी? हमने पहले भी हेमा के चुनाव परिणाम पर गणना की है, पर आज किसी ने पूछा है कि क्या हेमा विजयी होंगी? सवाल-भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी क्या 24 अप्रैल को होने वाले मतदान में विजयी होंगी? होररी नंबर-171 निर्णय की तारीख- 14.4.14 निर्णय का समय- 12.52.48 निर्णय का स्थान-मथुरा सूत्र-चुनाव में जीत के लिए 1,2,3,6,10 एवं 11 कस्प उत्तरोत्तर प्रबल होती हैं, जबकि विरोधी या प्रतिद्वंद्वी के लिए 4,5,7,8,9 एवं 12 कस्प का विश्लेषण करना चाहिए। यहां प्रथम कस्प का उपस्वामी चंद्र का नक्षत्र स्वामी चंद्र नवम भाव में आसीन है। यह 8,9 भावों का कारक है, जो शुभ नहीं है। द्वितीय कस्प का उप स्वामी शुक्र का नक्षत्र स्वामी राहु है। शुक्र तीसरे व राहु दशम भाव में आसीन है। शुक्र 3,6,10,11 का कारक एवं राहु 5,10,12 का कारक है। तृतीय भाव का उपस्वामी केतु अपने ही नक्षत्र स्वामी में होकर चतुर्थ भाव में आसीन है और उसी भाव का कारक है। छठे कस्प का उप स्वामी मंगल का नक्षत्र स्वामी चंद्र है। मंगल दशम व चंद्र नवम में है। मंगल 5,8,9,10,12 का कारक व राहु 5,10,12 का कारक है। दशम कस्प का उप स्वामी बुध अपने ही नक्षत्र में आसीन होकर तृतीय भाव में स्थित है और 3,7,10 भावों का कारक है। ग्यारहवें भाव का उप स्वामी तीसरे व राहु दशम भाव में आसीन है। शुक्र 3,6,10,11 और राहु 5,10,12 का कारक है। इस तरह हेमा की जीत के भावों के कारक प्रतिद्वंद्वी की जीत के भावों के कारकों से ज्यादा प्रबल हैं, लिहाजा हेमा की ही जीत होनी चाहिए। इसके अलावा हेमा के प्रथम भाव के सूचक ग्रह गुरु, शनि, प्लेटो हैं, जो शुभ हैं। द्वितीय भाव के सूचक ग्रह नेप्च्यून व शनि, तीसरे भाव के सूचक ग्रह शनि, शुक्र व बुध, छठे के शुक्र, दसवें के गुरु, मंगल, राहु, शुक्र व बुध शुभ हैं। ग्यारहवें भाव के सूचक ग्रह शनि व शुक्र हैं। इनका कुल योग (12) अंक है। प्रतिद्वंद्वी जयंत चौधरी के चौथे भाव के सूचक ग्रह सूर्य, गुरु, केतु, यूरेनस व शनि हैं। पांचवे भाव के कारक ग्रह मंगल-राहु शुभ नहीं हैं। सातवें के कारक ग्रह गुरु, शनि व बुध भी शुभ नहीं हैं। आठवें के कारक ग्रह मंगल व चंद्र सामान्य हैं। नवम भाव के कारक ग्रह सूर्य, मंगल व चंद्र सामान्य ही हैं, जबकि द्वादश भाव के कारक ग्रह मंगल व राहु शुभ नहीं हैं। इनके जीतने वाले सभी भावों के कुल अंक (-1) हैं। फलादेशः इस गणना के आधार पर साफ कहा जा सकता है कि पिछले लोकसभा चुनाव में एक लाख सत्तर हजार से बड़ी जीत दर्ज करने वाले जयंत चौधरी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। लेखक-शालिनी द्विवेदी

किसकी शादी किससे होगी ज्योतिष में कुंडली मिलान को महत्वपूर्ण मानकर अनेक दिशा निर्देश दिए गए हैं और भावी वर-वधु के कुंडली मिलाने के कई सूत्र भी बताए गए हैं। सामान्य तौर पर कुंडली मिलान में अष्टकूट गुण मिलान और मांगलिक मिलान का विचार किया जाता है। इन दोनों प्रकार के मिलान में वर-वधु के भावी जीवन पर एक-दूसरे ग्रह के पड़ने वाले असर का आकलन किया जाता है। पारपंरिक ज्योतिष में यह विवरण नहीं मिलता कि प्रस्तुत वर-वधु की कुंडलियों के मिलान में दोनों का विवाह होना संभव है कि नहीं। ज्योतिषी लोग केवल गुण मिलाकर कह देते हैं कि गुण पर्याप्त मिल रहे हैं और विवाह किया जा सकता है। लेकिन उन दो कुंडलियों के बीच विवाह होगा या नहीं, यह नहीं बताया जा सकता। गुण मिलाकर शादी के बारे में कतई उचित नहीं है। यह तो ऐसे ही है कि किसी गाय के बछड़े के जन्म की कुंडली मिलाकर यदि छ्त्तीस में से तीस गुण मिल रहे हैं तो क्या उससे शादी हो जाएगी। कतई नहीं। कृष्णमूर्ति ज्योतिष का सिद्धांत इस मामले में सटीक और चमत्कारिक है। यदि एक लड़के और सौ लड़कियों की कुडंलियां हैं, तो यह बताया जा सकता है कि वास्तव में उनमें किस लड़की के साथ उसका विवाह होगा अथवा होगा भी या नहीं और होगा तो कब होगा। यदि लड़के की जन्म कुंडली के शासक ग्रह लड़की की वर्तमान दशा, अंतर व प्रत्यंतर से मेल खाते हों और लड़की के जन्म के शासक ग्रह लड़के की कुंडली के दशा-अंतर-प्रत्यंतर से मेल खा रहे हों तो उनके मध्य विवाह अवश्य होगा। यदि यह सूत्र नहीं मिल रहा है अथवा यह मिलान नहीं हो रहा है तो उनके बीच कदापि विवाह नहीं होगा। इस अवस्था को एक उदाहरण से समझते हैं। जैसे- लड़के की जन्म कुंडली के शासक ग्रह जन्म दिन स्वामी-शनि चंद्र राशि स्वामी-मंगल चंद्र नक्षत्र स्वामी-शनि लग्न स्वामी-गुरु लग्न नक्षत्र स्वामी-शनि महादशा स्वामी-शुक्र अंतरदशा स्वामी-चंद्र प्रत्यंतर दशा स्वामी-मंगल लड़की की जन्म कुंडली के शासक ग्रह जन्म दिन स्वामी-शुक्र चंद्र राशि स्वामी-शुक्र चंद्र नक्षत्र स्वामी-चंद्र लग्न स्वामी-मंगल लग्न नक्षत्र स्वामी-केतु महादशा स्वामी-गुरु अंतर्दशा स्वामी-शनि प्रत्यंतर दशा स्वाम-शनि जन्म कुंडली मिलान के लिए आयी कुंडलियों में निम्न विवरण देख लेना चाहिए.. इन दोनों कुंडलियों में शासक ग्रह व महादशा अंतर का बताया सूत्र पूरी तरह लागू होता है। लड़के की कुंडली के जो शासक ग्रह हैं, वही लड़की की महादशा व अंतर के स्वामी हैं। लड़की के शासक ग्रह की दशाएं लड़कें की कुंडली में चल रही हैं। इससे निश्चित है कि इन दोनों का विवाह होना निश्चित है। इस प्रकार यदि एक साथ कई कुंडली मिलान के लिए आएं और उनमें मिलान पूरी तरह सर्वश्रेष्ठ हो, फिर भी केपी पद्वति के उक्त सूत्र से जाना जा सकता है कि वास्तव में किसकी शादी किससे होगी और कब होगी।

शालिनी द्विवेदी एस्ट्रोलोजर केपी एस्ट्रो साइंस हिंदी मासिक पत्रिका प्रसव के समय की सही बात --------------------- केपी के सूत्र कई बार बड़ा चमत्कार करते हैं और मेडिकल साइंस भी फेल नजर आती है। लोगों को डाक्टरों पर बड़ा भरोसा होता है और उनकी बतायी सलाह हर कोई मानता है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि जानें कितनी बार डाक्टर लोग गलत साबित होते हैं, कितनी बार पैथोलाजी की रिपोर्ट्स गलत होती है और अलग-अलग पैथोलाजी की रिपोर्ट्स भी अलग-अलग आती हैं। किसी भी ऐसे मरीज के बारे में जो आईसीयू में भर्ती है और सही भी हो रहा है और डाक्टर उसकी पल्स और रिकवरी को देखते हुए उसे घर ले जाने को कह देते हैं और पता चलता है कि वह एक-दो घंटे बाद चल बसता है। इसका डाक्टर्स पर कोई जवाब नहीं है कि जब सब कुछ नार्मल है तो मरीज मरा क्यों। वैसे भी जब तक आप डाक्टर को किसी रोग के बारे में न बताएं अथवा जब तक वे कोई जांच रिपोर्ट न मंगवा लें, तब तक वे कुछ नहीं बता सकते, जबकि कृष्णमूर्ति पद्वति कौन सा रोग है या होगा, इसके अलावा किसी भी घटना के बारे में बेहद पिन प्वाइंट जानकारी देती है, वशर्ते कि उसका कैलकुलेशन बारीकी से किया जाए। डिलीबरी कब होगी, इस बारे में डाक्टर अक्सर नौ महीने के समय का कैलकुलेशन करके प्रसूता स्त्री को बताते हैं। कंसीव किस दिन से किया है और उसके अनुसार अगले नौ महीने गिन लेते हैं और लास्ट टाइम में भी कुछ दिनों के अंतर पर ही अपना अनुमान बताते हैं। वैसे ज्योतिष के अनुसार नौ महीने नौ दिन और नौ घंटे का टाइम गर्भ का है। लेकिन डाक्टर्स यह बताने में कतई सक्षम नहीं हैं कि वास्तव में बच्चा किस दिन और कितने बजे होगा। क्या ऐसी सटीक जानकारी संभव है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा नहीं हो सकता। ऐसा हो सकता है। बिल्कुल हो सकता है। एक जातक की कुंडली और उसको बताए समय का पूरा विश्लेषण यहां किया जा रहा है। आप भी समझिए कि घटना पिन प्वाइंट कैसे बता दी जाती है। मेरे एक क्लाइंट मेरे पास आए और बोले कि उनकी पुत्र वधु की डिलीवरी होनी है। डाक्टर ने तीस नवंबर का समय दिया है। उनका सवाल यह था कि क्या नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। मैंने उनसे कहा कि वह अपनी पुत्रवधु से एक नंबर (01-249) के बीच लेकर बताए। उसकी पुत्रवधु ने मोबाइल पर तत्काल ही 30 नंबर बताया। मैंने इस नंबर को रूलिंग प्लेनेट में देखा, यह एक और नंबर मांग रहा था। उसने फिर से नंबर पूछा, जो 45 नंबर था। यह रूलिंग प्लेनेट में शामिल था। मैंने उससे कहा कि नार्मल डिलीवरी नहीं होगी। सीजर ही होना है। अब डिलीवरी कब होगी, यह चुनौती मेरे सामने थी। मैंने कुछ गणना की और उसे बताया कि पांच दिसंबर को डिलीवरी होगी। गणना इस प्रकार है- दिन-27 नवंबर 2012 समय-15.02 स्थान-मथुरा होररी नंबर-45 सब लार्ड सूर्य। लग्न लार्ड-मंगल लग्न स्टार-केतु लग्न सब-केतु चंद्र स्वामी-मंगल चंद्र स्टार-सूर्य वारेश-मंगल इस तरह हमें आरपी मिले-केतु, मंगल व सूर्य। कोई ग्रह वक्री या वक्री के स्वामी में नहीं है। मेष लग्न की कुंडली है। लग्न में ही चंद्रमा 28.27.09 डिग्री का है। दूसरे भाव में गुरु-केतु, सप्तम भाव में शनि-शुक्र-बुध, अष्टम भाव में राहु-सूर्य तथा नवम में मंगल है। मेष लग्न की कुंडली है, जो प्रथम चरण में ही डिलीवरी होने का संकेत कर रही है, किंतु लग्न का सब लार्ड केतु है, जो संकेत कर रहा है कि अपेक्षित समय अथवा डाक्टर के बताए समय से कुछ दिन विलंब हो सकता है। लिहाजा मैंने उनसे कह दिया कि तीस नवंबर को डिलीवरी नहीं होगी। अब उनकी उत्सुकता बढ़ गयी। मैंने सिंह के चंद्रमा पर अपना ध्यान लगाया और उसको बताया की पांच दिसंबर को दोपहर के समय एक बजे से पहले डिलीवरी होगी. उसकी पुत्र वधु ने दोपहर 12.58 पर एक बालक को जन्म दिया. -------------------------------------------------

शालिनी द्विवेदी एस्ट्रोलोजर केपी एस्ट्रो साइंस हिंदी मासिक पत्रिका आप कही जा रहे हैं वहां ठीक कितने बजे पहुंचेंगे पहले ही घर से निकाल कर चाहिए | -------------------------------------------------------- प्रश्न - हम दादा के घर पर कितने बजे पहुचेंगे? तारीख- 23-12-2012 समय- सुबह 10 बजकर 16 मिनट स्थान- मथुरा वारेश- शुक्रवार (शुक्र) लग्न राशि स्वामी- शनि (मकर) लग्न नक्षत्र स्वामी- चन्द्रमा लग्न उप स्वामी- सूर्य चन्द्र राशि स्वामी- मंगल (वृश्चिक) चन्द्र नक्षत्र स्वामी- शनि -------------------------------- लग्न को चलाया. चर लग्न है इसलिए जल्दी पहुंचना चाहिए. कुम्भ लग्न ली. पहला नक्षत्र मंगल का है जो जो हमारे शासक ग्रहों में है . इसका पहला उप नक्षत्र बुध है जो 1.53 डिग्री पर है.इसी प्रकार दूसरा नक्षत्र राहु का उप नक्षत्र बुध 14:26:40 डिग्री पर है. हमको दादा के घर 11:03:05 पर पहुंचना था हम ठीक उसी समय दादा के कमरे में पहुंचे. ये है केपी एस्ट्रो साइंस की एक्यूरेसी |