Thursday, August 13, 2015

दगा देंगे सोनिया को स्वास्थ्य, राहुल के सारथी 
राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनने का योग सितंबर तक का है, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं है। कोई अंदरूनी कलह या बाधा सामने आ सकती है। उनकी कुंडली में गुरु चौथे और सातवें भाव का स्वामी है और एक साल की अवधि में बारहवें भाव में गोचर करेगा। इसका आशय यह है कि उनके संगठन और परिवार में अंतरकलह पैदा होगी। उनके विरोधी हावी रहेंगे और वह कोई पदाधिकार मिलने के बाद चाटुकारों से घिर जाएंगे। यह चाटुकारिता जनता के सामने प्रकट भी होगी। गुरु उनकी कुंडली में पहले और पांचवे भाव का उपस्वामी है। केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर वह जितने बम फोड़ने का प्रयास करेंगे, वह निष्फल होंगे और वह मजबूत विरोधी नेता का छवि नहीं बना पाएंगे। 
इसी प्रकार सिंह राशि का गुरु कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वास्थ्य में फिर से कमी लाएगा और उनको कोई न कोई गंंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें कोई सर्जरी करानी पड़ सकती है और कुछ समय के लिए अस्पताल भी जाना हो सकता है। एक बात और। कर्क राशि के गुरु ने उनको घोटालों और कानूनी जांचों आदि से बचाते हुए कवर प्रदान कर रखा था। सिंह राशि का गुरु इस कवर को हटा लेगा और उनके लिए केंद्र सरकार की ओर से काफी मुश्किलें पैदा होने वाली हैं। 
लेखक-शालिनी द्विवेदी

जन प्रिय बने रहेंगे मोदी, सोनिया को नुकसान 
मथुरा। गुरु ग्रह प्रथ्वी से काफी बड़ा है। प्रथ्वी के सापेक्ष इसका द्रव्यमान 317 गुना अधिक है तो प्रथ्वी के सापेक्ष इसका वाल्यूम 1321 गुना अधिक है। इसका आकार प्रथ्वी से 120 गुना ज्यादा है और गुरु के अपने 63 चंद्र हैं, जबकि प्रथ्वी का एक अकेला ही चंद्रमा है। गुरु का गुरुत्वाकर्षण भी प्रथ्वी से 2.5 गुना ज्यादा ही है।  इस तरह ब्रह्मांड के तीन सबसे बड़े ग्रहों में से एक गुरु जुलाई 14, 2015 को कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश कर गए हैं। 
केपी एस्ट्रो साइंस की संपादक और ब्रज क्षेत्र की एकमात्र महिला ज्योतिषी शालिनी द्विवेदी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 26 मई 2014 को सायं 18.11 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ ली थी। उस समय की कुंडली के अनुसार उनकी तुला लग्न की कुंडली में गुरु तीन और छह भाव के स्वामी होकर ग्यारहवें भाव में आसीन हो जाएगा।  उनकी प्रतिष्ठा के लिए इस साल जुलाई से लेकर अगले साल अगस्त तक का समय बेहद निर्णायक होगा और विरोधियों के लाख प्रयासों के बावजूद न तो उनकी छवि पर दाग लग सकेगा और न ही किसी प्रकार की हानि सरकार को पहुंच सकेगी। उनकी शपथ ग्रहण की कुंडली में गुरु अपने ही नक्षत्र में तीसरे कस्प का उपस्वामी होकर नवम में है, जो अब ग्यारह भाव में आने वाला है। भारतीय राजनीति और देश के विकास में यह साल बेहद निर्णायक होगा। 
श्रीमती द्विवेदी के अनुसार इस एक साल की अवधि में उनकी नेतृत्व क्षमता और निखरेगी। शपथ ग्रहण की कुंडली में गुरु तीसरे और छठे भाव का स्वामी है। तीसरा भाव सरकार का जनता से संपर्क, मीडिया, सूचना प्रौद्योगिकी से जन संपर्क, शास्त्रीय सोच, मूलभूत सुविधाएं आदि का होता है, इसका स्वामी ग्यारहवें भाव में आकर उन्हें जनता के और नजदीक लाएगा। जाहिर है विरोधी पक्ष कितना ही दुष्प्रचार कर ले, जनता के बीच उनकी छवि और निखरेगी और वह जन प्रिय नेता बनकर उभरेंगे। देश में अवस्थापना सुविधाएं देने वाली योजनाएं इस साल तेजी से गति पकड़ेंगी। 
मुंडेन ज्योतिष में छठा भाव मेलजोल, पडौ़सियों से संबंध, जन स्वास्थ्य, मुकदमे, अदालती कार्यवाही और सांप्रदायिक सद्भाव का होता है। इसका स्वामी गुरु जब ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और मजबूत करेगा। भारत के पड़ौसी राष्ट्रों से संबंध और मजबूत होंगे। दिसंबर 2015 तक राहु बारहवें भाव में गोचर करता रहेगा, इसलिए मुस्लिम देशों से बहुत अपेक्षाएं प्रधानमंत्री नहीं करेंगे। पाकिस्तान से संबंध यथावत ही रहेंगे। 
भारत की कुंडली के अनुसार गुरु चौथे भाव में गोचर करेंगे। यह पूरे साल में कुछ बड़े फैसले सरकार और मंत्रिमंडल में कराएगा। जो मंत्री सरकार की छवि को डेमेज करेंगे, मोदी उनको बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। इस साल भारत में सांप्रदायिक सदभाव प्रभावित करने की कोशिश तो की जाएगी, लेकिन इसका अधिक असर नहीं पड़ेगा। 
गोचर स्थिति के अनुसार देशभर में करीब दर्जन भर राज्यों के राज्यपालों को बदला जाना चाहिए और कई राज्यपालों को बाहर का रास्ता भी दिखाया जाएगा। उप्र, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक के राज्यपाल इधर से उधर हो सकते हैं तो तमिलनाडु और मध्य प्रदेश के राज्यपाल हटाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी अपनी केबिनेेट में भी फेरबदल करके स्वच्छ और काम करने वाली सरकार का संकेत देंगे। 
दगा देगा सोनिया का स्वास्थ्य 
ज्योतिर्विद शालिनी द्विवेदी ने कहा है कि राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनने का योग सितंबर तक का है, लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं है। कोई अंदरूनी कलह या बाधा सामने आ सकती है। उनकी कुंडली में गुरु चौथे और सातवें भाव का स्वामी है और एक साल की अवधि में बारहवें भाव में गोचर करेगा। इसका आशय यह है कि उनके संगठन और परिवार में अंतरकलह पैदा होगी। उनके विरोधी हावी रहेंगे और वह कोई पदाधिकार मिलने के बाद चाटुकारों से घिर जाएंगे। यह चाटुकारिता जनता के सामने प्रकट भी होगी। गुरु उनकी कुंडली में पहले और पांचवे भाव का उपस्वामी है। केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर वह जितने बम फोड़ने का प्रयास करेंगे, वह निष्फल होंगे और वह मजबूत विरोधी नेता का छवि नहीं बना पाएंगे। 
इसी प्रकार सिंह राशि का गुरु कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वास्थ्य में फिर से कमी लाएगा और उनको कोई न कोई गंंभीर बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें कोई सर्जरी करानी पड़ सकती है और कुछ समय के लिए अस्पताल भी जाना हो सकता है। एक बात और। कर्क राशि के गुरु ने उनको घोटालों और कानूनी जांचों आदि से बचाते हुए कवर प्रदान कर रखा था। सिंह राशि का गुरु इस कवर को हटा लेगा और उनके लिए केंद्र सरकार की ओर से काफी मुश्किलें पैदा होने वाली हैं। 
भारत की कुंडली में सिंह राशि का गुरु अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। चीन को भारत कड़ी टक्कर देगा। शेयर बाजार इस साल तीस हजार का आंकड़ा पार करेगा और सोने-चांदी के भावों में वर्तमान स्तर ही बना रहेगा। यानि तेजी ज्यादा नहीं है। धान और जिंस में कुछ तेजी देखने को मिलेगी तो क्रूड आयल का स्तर भी यही रहेगा। प्राकृतिक आपदाएं आएंगी और बड़े पदों पर बैठे लोगों को हार्ट अटैक आदि की घटनाएं सामने आएंगी। महंगाई कम होगी। 
शालिनी द्विवेदी, 
9411258832
सेंसेक्स बढ़ेगा, सोना-चांदी सामान्य रहेगा
भारत की कुंडली में सिंह राशि का गुरु सिंह और कन्या राशि में आकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। चीन को भारत कड़ी टक्कर देगा और उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। शेयर बाजार इस साल तीस हजार का आंकड़ा पार करेगा और सोने-चांदी के भावों में वर्तमान स्तर ही बना रहेगा। यानि तेजी ज्यादा नहीं है। धान और जिंस में कुछ तेजी देखने को मिलेगी तो क्रूड आयल का स्तर भी यही रहेगा। प्राकृतिक आपदाएं आएंगी और बड़े पदों पर बैठे लोगों को हार्ट अटैक आदि की घटनाएं सामने आएंगी। महंगाई निचले स्तर पर ही बनी रहेगी।  
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विपक्ष रहेगा अस्त-पस्त 
राहुल गांधी की कुंडली में गुरु चौथे और सातवें भाव का स्वामी है और यह अगस्त तक बारहवें भाव में गोचर करेगा। इसका आशय यह है कि उनके संगठन और परिवार में अंतरकलह पैदा होगी। उनके विरोधी हावी रहेंगे और वह कोई पदाधिकार मिलने के बाद चाटुकारों से घिर जाएंगे। यह चाटुकारिता जनता के सामने प्रकट भी होगी। गुरु उनकी कुंडली में पहले और पांचवे भाव का उपस्वामी है। केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर वह जितने बम फोड़ने का प्रयास करेंगे, वह निष्फल होंगे और वह मजबूत विरोधी नेता का छवि नहीं बना पाएंगे। 
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दैवज्ञ की दृष्टि में संसार चक्र
सन 2016 का राजनैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश
कृष्णमूर्ति ज्योतिष, वैदिक ज्योतिष और मुंडेन ज्योतिष के सम्मिश्रण से भविष्यवाणी का देश-दुनिया में अब तक का पहला प्रयोग। 
हाईलाइट
-देश की संसद, कानून और प्रशासन होगा मजबूत। 
-देश में इस साल ई-गवर्नेंस बनेगा जनता का हथियार।
-आजादी के बाद इस साल होगा देश का सबसे तेज विकास। 
-नरेंद्र मोदी विश्व राजनीति में होंगे और मजबूत। 
-भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी, चीन की होगी कमजोर। 

केपी नंबर से करें समाधान 1 से लेकर 249 तक की संख्या कोई अंक ज्योतिष या साधारण संख्या नहीं है। हर समय हमारे दिमाग में कोई न कोई समस्या या विचार चलता रहता है और साथ ही वह समस्या हल होगी या नहीं होगी और जो विचार चल रहा है, वह कितना आगे बढ़ेगा, यह भी हमारे दिमाग में पहले से ही तय होता है, लेकिन हम इसे समझ नहीं पाते और समस्याओं को उलझाते चले जाते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि जो दिमाग में है, वही ब्रह्मांड में है। हर समस्या अपना अंतिम परिणाम लेकर आती है। हमें इसी को समझना होता है। यह कृष्णमूर्ति ज्योतिष है, जिसमें हमें किसी भी काम या समस्या के बारे में जानने के लिए अपनी जन्म कुंडली की जरूरत नहीं होती। एक से लेकर 249 की कोई एक संख्या हम बताते हैं तो वही संख्या तय कर देती है कि आपका सोचा काम होना है या नहीं होना है और होना है तो कब होना है। पिछले पांच सालों में मैंने ऐसे हजारों सवालों का सटीक जवाब इसी पद्वति के माध्यम से दिया है और कमाल की बात यह है कि इन संख्या की बनायी कुंडली सटीक समय भी बताती है। मान लीजिए आपके बच्चों को किसी कालेज या स्कूल में दाखिला कराना है और कई विकल्प आपके पास हैं और आप उन सभी के लिए एक प्रयास कर रहे हैं। इसमें आपकी काफी ऊर्जा, समय और पैसा लग रहा है, जबकि इस सवाल को सोचकर कोई एक संख्या बताने पर यह स्पष्ट बताया जाता है कि किस स्कूल या कालेज में दाखिला होगा। इसी प्रकार सरकारी नौकरी लगेगी या प्राइवेट, बीए, बीएससी, बी काम, बी टेक या कौन सी शिक्षा लेना ठीक रहेगा। मकान कब बनेगा, शादी कब होगी, लड़का होगा या लड़की। किसी कानूनी मामले में फंस गए हैं तो कहीं जेल तो नहीं होगी। घर का कई सदस्य बिना बताये चला गया है, वह कब वापस आएगा। बेटी या बेटा की शादी उसकी मर्जी से होगी या घरवालों की मर्जी से। कितने ही और कैसे ही सवाल हों। जैसे चुनाव जीतेंगे या नहीं? परीक्षा में कितने नंबर आएंगे। टीवी खराब हो गयी है, कब सही होगी। लाइट चली गयी है कब तक आएगी? पत्नी गर्भवती है, प्रसव सामान्य होगा या आपरेशन कराना पड़ेगा। यानि कोई भी सवाल हो, उसका जवाब इन्हीं संख्याओं में होता है। अब जमाना बदल गया है। संभावना और तीर तुक्के वाली ज्योतिष की जगह केपी पद्वति सटीक और सही दिशा में लोगों का मार्गदर्शन कर रही है। यह न केवल आपके समय की बचत करती है, बल्कि सही मार्गदर्शन देती है और सबसे अच्छी सलाहकार है। इसी कैलेंडर में विगत दो सालों से मैंने इसके हजारों पाठकों को उचित मार्गदर्शन दिया है। आप भी इसे आजमा सकते हैं और मुझसे पूछ सकते हैं। शालिनी द्विवेदी मोबाइल नंबर-9411258832, Email_ ssp313@gmail.com