क्या हमारे नेताजी जाएंगे जेल?
प्रश्नः पिछले महीने हमारे यहां सांप्रदायिक दंगा हुआ था। जिला व पुलिस प्रशासन ने साजिश में हमारे नेताजी को आरोपी बना दिया है और घर पर छापामारी भी की गयी है। कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यदि हम राजनैतिक दबाव बनाएं तो क्या मुकदमे वापस हो सकते हैं?
जन्म तारीखः 30.6.1979
जन्म समयः 11.48
जन्म स्थानः फरुर्खाबाद
सूत्रः कुंडली में यदि 12 वे कस्प का उपस्वामी या उसका नक्षत्र स्वामी राहु या शनि हो और 8, 12 भावों का कारक हो तो जेल होती है।
12 कस्प उपस्वामी शनिः 5, 6 (12)
युति राहु (12), कस्प उपस्वामी 8, 10
युति चंद्र 11, (12) कस्प उपस्वामी 2
शनि का नक्षत्र स्वामीः शुक्र 2, 9, (9)
युति मंगल 3, 8, (9)
शनि का उपस्वामीः सूर्य 12 (10)
सूर्य का नक्षत्र स्वामीः राहु (12)
इस तरह बारहवें भाव के उपस्वामी शनि के कारक 3,8,9,12 हैं, लिहाजा जातक को जेल जाने का संकेत मिल रहा है। जातक की वर्तमान में राहु-राहु-शनि की दशा-अंतर-प्रत्यंतर चल रहा है, जो 29.2.2016 तक चलेगा।
दशा स्वामी राहुः 12 युति शनि-2,9, (9) ; चंद्र 11 (12)
राहु का नक्षत्र स्वामीः शुक्र 2,9 (9) युति मंगल 3,8 (9)
मंगल की द्धादश भावस्थ राहु, शनि, चंद्र पर दृष्टि भी है।
राहु का उपस्वामीः चंद्र 11 (12)
उपस्वामी चंद्र का नक्षत्र स्वामीः शुक्र 2,9 (9)
राहु 3,8,9,12 भावों का कारक है, जो बंधन योग दर्शा रहा है।
अंतर स्वामी भी राहु ही है, जिसके कारक ऊपर दिए गए हैं। प्रत्यंतर स्वामी शनि के कारक इस प्रकार हैं-
शनिः 5, 6 (12)
युति राहु (12), कस्प उपस्वामी 8, 10
युति चंद्र 11, (12) कस्प उपस्वामी 2
शनि का नक्षत्र स्वामीः शुक्र 2, 9, (9)
युति मंगल 3, 8, (9)
शनि का उपस्वामीः सूर्य 12 (10)
सूर्य का नक्षत्र स्वामीः राहु (12)
मेरा अभिमतः शनि के कारक 3,8,9,12 हैं, लिहाजा इस अवधि में जेल जाने के योग बन रहे हैं। जातक की कुंडली में राहु बारहवें भाव में ही गोचर कर रहे हैं और शनि तीसरे भाव में है, जो बारहवें भाव पर शत्रु दृष्टि डाल रहा है। इस अवधि में जेल जाने और इससे पहले फरार रहने के योग तो हैं ही, 29.2.2016 से पहले मुकदमों और जेल से मुक्ति का योग नहीं है। अगली प्रत्यंतर दशा बुध की होगी, जिसमें बंधन योग नहीं है, लिहाजा बुध की प्रत्यंतर दशा में ही राहत मिलेगी।
वास्तविक तथ्यः नेताजी ने भारी राजनैतिक दबाव बनाया। धरना-प्रदर्शन खूब हुए, लेकिन अंततः उन्होंने 2.12.2015 को अपने समर्थकों समेत अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
2.12.2015 को नेताजी की राहु-राहु-शनि-शुक्र-राहु की संयुक्त दशा चल रही थी। इस दिन सूर्य शनि के नक्षत्र में, चंद्र केतु के नक्षत्र, मंगल शुक्र के और शुक्र मंगल के नक्षत्र में, शनि अपने ही नक्षत्र, राहु सूर्य के नक्षत्र और शनि के उप में गोचर कर रहा था।
शालिनी द्विवेदी
मेरा गुरुजी श्री केएसके जी एवं मेरे गुरु दादा इंजी. श्री रवींद्र नाथ जी चतुर्वेदी को शत शत प्रणाम।।