हेमा खिलाएंगी कमल
मथुरा से ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी और रालोद-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी जयंत चौधरी के मध्य बेहद कड़ा संघर्ष हो रहा है। हेमा भाजपा से प्रत्याशी हैं, लेकिन भाजपा संगठन की हालत काफी खराब है। संगठन के नेता हमेशा की तरह भितरघात कर रहे हैं। अधिकांश पर जयंत ने अपना जादू चला दिया है और जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, सवाल उठने लगे हैं कि क्या हेमा मालिनी सीट जीतकर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को यह तोहफा दे पाएंगी? हमने पहले भी हेमा के चुनाव परिणाम पर गणना की है, पर आज किसी ने पूछा है कि क्या हेमा विजयी होंगी?
सवाल-भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी क्या 24 अप्रैल को होने वाले मतदान में विजयी होंगी?
होररी नंबर-171
निर्णय की तारीख- 14.4.14
निर्णय का समय- 12.52.48
निर्णय का स्थान-मथुरा
सूत्र-चुनाव में जीत के लिए 1,2,3,6,10 एवं 11 कस्प उत्तरोत्तर प्रबल होती हैं, जबकि विरोधी या प्रतिद्वंद्वी के लिए 4,5,7,8,9 एवं 12 कस्प का विश्लेषण करना चाहिए।
यहां प्रथम कस्प का उपस्वामी चंद्र का नक्षत्र स्वामी चंद्र नवम भाव में आसीन है। यह 8,9 भावों का कारक है, जो शुभ नहीं है। द्वितीय कस्प का उप स्वामी शुक्र का नक्षत्र स्वामी राहु है। शुक्र तीसरे व राहु दशम भाव में आसीन है। शुक्र 3,6,10,11 का कारक एवं राहु 5,10,12 का कारक है। तृतीय भाव का उपस्वामी केतु अपने ही नक्षत्र स्वामी में होकर चतुर्थ भाव में आसीन है और उसी भाव का कारक है। छठे कस्प का उप स्वामी मंगल का नक्षत्र स्वामी चंद्र है। मंगल दशम व चंद्र नवम में है। मंगल 5,8,9,10,12 का कारक व राहु 5,10,12 का कारक है। दशम कस्प का उप स्वामी बुध अपने ही नक्षत्र में आसीन होकर तृतीय भाव में स्थित है और 3,7,10 भावों का कारक है। ग्यारहवें भाव का उप स्वामी तीसरे व राहु दशम भाव में आसीन है। शुक्र 3,6,10,11 और राहु 5,10,12 का कारक है।
इस तरह हेमा की जीत के भावों के कारक प्रतिद्वंद्वी की जीत के भावों के कारकों से ज्यादा प्रबल हैं, लिहाजा हेमा की ही जीत होनी चाहिए।
इसके अलावा हेमा के प्रथम भाव के सूचक ग्रह गुरु, शनि, प्लेटो हैं, जो शुभ हैं। द्वितीय भाव के सूचक ग्रह नेप्च्यून व शनि, तीसरे भाव के सूचक ग्रह शनि, शुक्र व बुध, छठे के शुक्र, दसवें के गुरु, मंगल, राहु, शुक्र व बुध शुभ हैं। ग्यारहवें भाव के सूचक ग्रह शनि व शुक्र हैं। इनका कुल योग (12) अंक है।
प्रतिद्वंद्वी जयंत चौधरी के चौथे भाव के सूचक ग्रह सूर्य, गुरु, केतु, यूरेनस व शनि हैं। पांचवे भाव के कारक ग्रह मंगल-राहु शुभ नहीं हैं। सातवें के कारक ग्रह गुरु, शनि व बुध भी शुभ नहीं हैं। आठवें के कारक ग्रह मंगल व चंद्र सामान्य हैं। नवम भाव के कारक ग्रह सूर्य, मंगल व चंद्र सामान्य ही हैं, जबकि द्वादश भाव के कारक ग्रह मंगल व राहु शुभ नहीं हैं। इनके जीतने वाले सभी भावों के कुल अंक (-1) हैं।
फलादेशः इस गणना के आधार पर साफ कहा जा सकता है कि पिछले लोकसभा चुनाव में एक लाख सत्तर हजार से बड़ी जीत दर्ज करने वाले जयंत चौधरी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।
लेखक-शालिनी द्विवेदी