Monday, July 21, 2014


किसकी शादी किससे होगी ज्योतिष में कुंडली मिलान को महत्वपूर्ण मानकर अनेक दिशा निर्देश दिए गए हैं और भावी वर-वधु के कुंडली मिलाने के कई सूत्र भी बताए गए हैं। सामान्य तौर पर कुंडली मिलान में अष्टकूट गुण मिलान और मांगलिक मिलान का विचार किया जाता है। इन दोनों प्रकार के मिलान में वर-वधु के भावी जीवन पर एक-दूसरे ग्रह के पड़ने वाले असर का आकलन किया जाता है। पारपंरिक ज्योतिष में यह विवरण नहीं मिलता कि प्रस्तुत वर-वधु की कुंडलियों के मिलान में दोनों का विवाह होना संभव है कि नहीं। ज्योतिषी लोग केवल गुण मिलाकर कह देते हैं कि गुण पर्याप्त मिल रहे हैं और विवाह किया जा सकता है। लेकिन उन दो कुंडलियों के बीच विवाह होगा या नहीं, यह नहीं बताया जा सकता। गुण मिलाकर शादी के बारे में कतई उचित नहीं है। यह तो ऐसे ही है कि किसी गाय के बछड़े के जन्म की कुंडली मिलाकर यदि छ्त्तीस में से तीस गुण मिल रहे हैं तो क्या उससे शादी हो जाएगी। कतई नहीं। कृष्णमूर्ति ज्योतिष का सिद्धांत इस मामले में सटीक और चमत्कारिक है। यदि एक लड़के और सौ लड़कियों की कुडंलियां हैं, तो यह बताया जा सकता है कि वास्तव में उनमें किस लड़की के साथ उसका विवाह होगा अथवा होगा भी या नहीं और होगा तो कब होगा। यदि लड़के की जन्म कुंडली के शासक ग्रह लड़की की वर्तमान दशा, अंतर व प्रत्यंतर से मेल खाते हों और लड़की के जन्म के शासक ग्रह लड़के की कुंडली के दशा-अंतर-प्रत्यंतर से मेल खा रहे हों तो उनके मध्य विवाह अवश्य होगा। यदि यह सूत्र नहीं मिल रहा है अथवा यह मिलान नहीं हो रहा है तो उनके बीच कदापि विवाह नहीं होगा। इस अवस्था को एक उदाहरण से समझते हैं। जैसे- लड़के की जन्म कुंडली के शासक ग्रह जन्म दिन स्वामी-शनि चंद्र राशि स्वामी-मंगल चंद्र नक्षत्र स्वामी-शनि लग्न स्वामी-गुरु लग्न नक्षत्र स्वामी-शनि महादशा स्वामी-शुक्र अंतरदशा स्वामी-चंद्र प्रत्यंतर दशा स्वामी-मंगल लड़की की जन्म कुंडली के शासक ग्रह जन्म दिन स्वामी-शुक्र चंद्र राशि स्वामी-शुक्र चंद्र नक्षत्र स्वामी-चंद्र लग्न स्वामी-मंगल लग्न नक्षत्र स्वामी-केतु महादशा स्वामी-गुरु अंतर्दशा स्वामी-शनि प्रत्यंतर दशा स्वाम-शनि जन्म कुंडली मिलान के लिए आयी कुंडलियों में निम्न विवरण देख लेना चाहिए.. इन दोनों कुंडलियों में शासक ग्रह व महादशा अंतर का बताया सूत्र पूरी तरह लागू होता है। लड़के की कुंडली के जो शासक ग्रह हैं, वही लड़की की महादशा व अंतर के स्वामी हैं। लड़की के शासक ग्रह की दशाएं लड़कें की कुंडली में चल रही हैं। इससे निश्चित है कि इन दोनों का विवाह होना निश्चित है। इस प्रकार यदि एक साथ कई कुंडली मिलान के लिए आएं और उनमें मिलान पूरी तरह सर्वश्रेष्ठ हो, फिर भी केपी पद्वति के उक्त सूत्र से जाना जा सकता है कि वास्तव में किसकी शादी किससे होगी और कब होगी।

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