कुंडली में पुनरफू दोष हो तो घर में सीलन और नल लीकेज होता ही है, घर में छिपकली भी बहुत होती हैं। पत्नी को ल्यूकोरि्या, थाइराइड भी होता है और उनके घुटने की प्राब्लम बढ़ सकती है। पैर, कमर में दर्द खूब होता है। यह दोष वाली महिलाएं पानी खूब फैलाती हैं, साफ-सफाई पसंद होती हैं और पुराने सामान घर में भरने की आदी होती हैं।
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दूसरी कस्प का उपस्वामी राहु हो तो जातक झूठ बहुत बोलता है। स्टार सूर्य हो तो तीखा भी बोलता है। स्टार चंद्र हो तो थकी आवाज में बोलता है। मौन राशियों में हो तो बोलने में दिक्कत, या गुटखा सिगरेट की वजह से मुंह का आपरेशन कराना पड़ता है। दूसरे कस्प का उपस्वामी मंगल हो तो मुंहफट और तर्क करने वाला, केतु हो तो भाषा पर नियंत्रण नहीं होता।
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पूरी कुंडली अच्छी होने के बावजूद बारहवे कस्प का उपस्वामी या यहां बैठा राहु कुंडली पर भारी पड़ जाता है। बेमुल्क का नबाव, घर में न टिकने वाला और अमर्यादित काम करने वाला होता है। इसके दशा-अंतर-प्रत्यंतर या गोचर में जेल थाने जाने के योग बनते हैं। हारा हुआ मुकदमेबाज होता है।
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कुण्डली में लग्न से सम स्थान 2,4,6,8,10 या 12 वें भाव में शनि हो तो लड़के का विवाह शीघ्र होगा। लग्न से विषम स्थान 1,3,5,7,9 या11 वें भाव में शनि स्थित हो तो लड़की का विवाह शीघ्र होता है।
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