शालिनी द्विवेदी
एस्ट्रोलोजर
केपी एस्ट्रो साइंस
हिंदी मासिक पत्रिका
प्रसव के समय की सही बात
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केपी के सूत्र कई बार बड़ा चमत्कार करते हैं और मेडिकल साइंस भी फेल नजर आती है। लोगों को डाक्टरों पर बड़ा भरोसा होता है और उनकी बतायी सलाह हर कोई मानता है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि जानें कितनी बार डाक्टर लोग गलत साबित होते हैं, कितनी बार पैथोलाजी की रिपोर्ट्स गलत होती है और अलग-अलग पैथोलाजी की रिपोर्ट्स भी अलग-अलग आती हैं। किसी भी ऐसे मरीज के बारे में जो आईसीयू में भर्ती है और सही भी हो रहा है और डाक्टर उसकी पल्स और रिकवरी को देखते हुए उसे घर ले जाने को कह देते हैं और पता चलता है कि वह एक-दो घंटे बाद चल बसता है। इसका डाक्टर्स पर कोई जवाब नहीं है कि जब सब कुछ नार्मल है तो मरीज मरा क्यों। वैसे भी जब तक आप डाक्टर को किसी रोग के बारे में न बताएं अथवा जब तक वे कोई जांच रिपोर्ट न मंगवा लें, तब तक वे कुछ नहीं बता सकते, जबकि कृष्णमूर्ति पद्वति कौन सा रोग है या होगा, इसके अलावा किसी भी घटना के बारे में बेहद पिन प्वाइंट जानकारी देती है, वशर्ते कि उसका कैलकुलेशन बारीकी से किया जाए।
डिलीबरी कब होगी, इस बारे में डाक्टर अक्सर नौ महीने के समय का कैलकुलेशन करके प्रसूता स्त्री को बताते हैं। कंसीव किस दिन से किया है और उसके अनुसार अगले नौ महीने गिन लेते हैं और लास्ट टाइम में भी कुछ दिनों के अंतर पर ही अपना अनुमान बताते हैं। वैसे ज्योतिष के अनुसार नौ महीने नौ दिन और नौ घंटे का टाइम गर्भ का है। लेकिन डाक्टर्स यह बताने में कतई सक्षम नहीं हैं कि वास्तव में बच्चा किस दिन और कितने बजे होगा।
क्या ऐसी सटीक जानकारी संभव है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा नहीं हो सकता। ऐसा हो सकता है। बिल्कुल हो सकता है। एक जातक की कुंडली और उसको बताए समय का पूरा विश्लेषण यहां किया जा रहा है। आप भी समझिए कि घटना पिन प्वाइंट कैसे बता दी जाती है।
मेरे एक क्लाइंट मेरे पास आए और बोले कि उनकी पुत्र वधु की डिलीवरी होनी है। डाक्टर ने तीस नवंबर का समय दिया है। उनका सवाल यह था कि क्या नार्मल डिलीवरी हो जाएगी। मैंने उनसे कहा कि वह अपनी पुत्रवधु से एक नंबर (01-249) के बीच लेकर बताए। उसकी पुत्रवधु ने मोबाइल पर तत्काल ही 30 नंबर बताया। मैंने इस नंबर को रूलिंग प्लेनेट में देखा, यह एक और नंबर मांग रहा था। उसने फिर से नंबर पूछा, जो 45 नंबर था। यह रूलिंग प्लेनेट में शामिल था। मैंने उससे कहा कि नार्मल डिलीवरी नहीं होगी। सीजर ही होना है। अब डिलीवरी कब होगी, यह चुनौती मेरे सामने थी। मैंने कुछ गणना की और उसे बताया कि पांच दिसंबर को डिलीवरी होगी।
गणना इस प्रकार है-
दिन-27 नवंबर 2012
समय-15.02
स्थान-मथुरा
होररी नंबर-45
सब लार्ड सूर्य।
लग्न लार्ड-मंगल
लग्न स्टार-केतु
लग्न सब-केतु
चंद्र स्वामी-मंगल
चंद्र स्टार-सूर्य
वारेश-मंगल
इस तरह हमें आरपी मिले-केतु, मंगल व सूर्य। कोई ग्रह वक्री या वक्री के स्वामी में नहीं है। मेष लग्न की कुंडली है। लग्न में ही चंद्रमा 28.27.09 डिग्री का है। दूसरे भाव में गुरु-केतु, सप्तम भाव में शनि-शुक्र-बुध, अष्टम भाव में राहु-सूर्य तथा नवम में मंगल है। मेष लग्न की कुंडली है, जो प्रथम चरण में ही डिलीवरी होने का संकेत कर रही है, किंतु लग्न का सब लार्ड केतु है, जो संकेत कर रहा है कि अपेक्षित समय अथवा डाक्टर के बताए समय से कुछ दिन विलंब हो सकता है। लिहाजा मैंने उनसे कह दिया कि तीस नवंबर को डिलीवरी नहीं होगी। अब उनकी उत्सुकता बढ़ गयी। मैंने सिंह के चंद्रमा पर अपना ध्यान लगाया और उसको बताया की पांच दिसंबर को दोपहर के समय एक बजे से पहले डिलीवरी होगी. उसकी पुत्र वधु ने दोपहर 12.58 पर एक बालक को जन्म दिया.
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