भाजपा के बहुमत की भविष्यवाणी तो केपी एस्ट्रो साइंस ने ही की
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मथुरा। लोकसभा चुनाव के बारे में चाणक्य का सर्वे और केपी एस्ट्रो साइंस की ज्योतिषीय भविष्यवाणियां ही सटीक बैठे, लेकिन दोनों में एक बड़ा अंतर यह रहा कि चाणक्य सर्वे पालिंग के बाद आया और केपी एस्ट्रो साइंस ने फरवरी माह में ही चुनाव की तमाम भविष्यवाणी कर दी थीं।
पत्रिका की संपादक शालिनी द्विवेदी ने बताया कि मार्च अंक के पेज संख्या-8 पर प्रकाशित लेख में उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराश करने वाला होगा। उसके ज्यादातर मंत्री चुनाव हार जाएंगे। सन 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने जिन सोलह राज्यों में 178 सीटें जीती थीं, उनमें वह दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल, अरुणाचल व मेघालय में कांग्रेस की हालत पतली रहेगी। इसके विपरीत भाजपा को ग्यारह राज्यों में नब्बे फीसदी से ज्यादा सीटें मिलेंगी। कांग्रेस समेत तमाम मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टियां हाशिये पर आ जाएंगी। उप्र में सपा की सीटें बसपा से ज्यादा होंगी और मायावती शनि व राहु की खराब स्थिति के कारण दलित-मुस्लिम वोटों के लिए तरस जाएंगी। ममता बनर्जी और जयललिता की स्थिति मजबूत होगी। इसी तरह पत्रिका के अप्रैल-मई अंक में उन्होंने मथुरा से हेमा मालिनी की बड़े अंतर से जीत की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी। अमृतसर से अरुण जेतली की हार की भविष्यवाणी भी पत्रिका ने कर दी थी।
पत्रिका के प्रमुख ज्योतिषी पवन निशान्त ने केपी एस्ट्रो साइंस के मार्च अंक के पेज आठ पर ही (यह है मोदी मैजिक) लेख में साफ लिखा था कि यह सन 77 से बड़ी लहर होगी। कांग्रेस अपने इतिहास का सबसे बदतर प्रदर्शन करेगी। भाजपा अकेले ही 275 से 300 के बीच सीट हासिल करेगी। कांंग्रेस पचास से कम सीट हासिल करेगी। ज्योतिषी पवन निशान्त ने अप्रैल-मई के अंक में पेज आठ पर प्रकाशित लेख में भी लिखा था कि इस बार गठबंधन की राजनीति का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। भाजपा पूर्वांचल की 33 सीटों में 27 से ज्यादा सीटें हासिल करेगी। नवीन पटनायक, जयललिता और ममता बनर्जी की सीटें ज्यादा आएंगी और ये मोदी के समर्थन में आएंगे। एनडीए का आंकड़ा सवा तीन सौ सीटों से ज्यादा होगा। कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका लायक सीट नहीं जुटा पाएगी। मोदी के बनते ही शेयर बाजार पच्चीस हजारी हो जाएगा और सोने-चांदी के भाव नीचे आएंगे। मोदी की वजह से चाइना की अर्थव्यवस्था को धक्का लगेगा।
पत्रिका ने नरेंद्र मोदी को 21,22 25 या 27 मई को शपथ लेने का सुझाव दिया है और भविष्यवाणी की है कि वह अगले दो टर्म में भी प्रधानमंत्री बनेंगे और मनमोहन सिंह के दस साल के प्रधानमंत्री बनने के रिकार्ड को तोड़ेंगे।
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उन्होंने बताया कि पत्रिका पिछले साल नवंबर में हुए पांच राज्यों के चुनाव से लेकर उत्तराखंड में विजय बहुगुणा को हटाए जाने और सोनिया गांधी के दो बार बीमार पड़ने की भविष्यवाणी भी कर चुकी है। दुनिया भर में राजनीति और चुनावों पर कृष्णमूर्ति पद्वति के आधार पर पहली बार पत्रिका प्रयोग कर रही है, जो सही साबित हो रहे हैं।
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